महाराष्ट्र निकाय चुनावों का मैदान गरमा गया है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर वोटरों को नकद और जरूरी सामान देकर वोट खरीदने का आरोप ठोका है। दावा किया जा रहा है कि भाजपा के ‘सेवा शिविरों’ के नाम पर यह सब हो रहा है।
आदित्य ठाकरे ने धारावी में रैली कर कहा, ‘भाजपा गरीबों का वोट खरीद रही है। 500-2000 रुपये के लिफाफे और तेल-चावल के पैकेट बांटे जा रहे हैं।’ पार्टी ने 50 से ज्यादा जगहों का ब्योरा चुनाव आयोग को सौंपा है, जिसमें फोटो-वीडियो सबूत हैं।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले यह आरोप भाजपा के लिए झटका है। ठाणे से नागपुर तक के इलाकों में शिकायतें हैं। बीजेपी ने पलटवार किया, ‘शिवसेना खुद ऐसा करती रही है। हमारी योजनाएं जनकल्याण के लिए हैं।’
विश्लेषकों के अनुसार, इन चुनावों से राज्य की सत्ता संतुलन प्रभावित होगा। बीएमसी पर कब्जा अरबों के ठेके दिलाएगा। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सजा हो सकती है, लेकिन साबित करना मुश्किल।
शिवसेना यूबीटी हेल्पलाइन चला रही है और विरोध मार्च निकालेगी। जनता में गुस्सा है, लेकिन महंगाई के दौर में कुछ लालच भी लुभा रहा है। चुनाव आयोग की निगरानी बढ़ेगी। यह लड़ाई लोकतंत्र की असली परीक्षा बनेगी।