वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर कड़ा प्रहार किया है। टीवी चैनलों के पत्रकारों को हिरासत में लेने को उन्होंने प्रेस फ्रीडम पर काला अध्याय बताया।
सरकारी टेंडरों में कथित घोटालों पर रिपोर्टिंग करने वाले एंकरों को आधिकारिक तौर पर मानहानि के आरोप में पकड़ा गया। रेड्डी ने जनसभा में कहा कि यह सरकार का असफल नेतृत्व छिपाने की चाल है। उन्होंने अपने शासनकाल की तुलना करते हुए कहा कि आलोचना को सहन करना लोकतंत्र की पहचान है।
पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हो चुकी हैं। मीडिया हाउसेस ने एकजुटता दिखाई है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी नजर रखी है।
यह विवाद आंध्र की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। जगन की अपील पर विपक्ष एकजुट हो रहा है। न्यायपालिका की भूमिका तय करेगी कि प्रेस की आवाज दबी रहेगी या बचेगी। लोकतंत्र की मजबूती इसी में है।