दोहा से आई पुष्टि ने मध्य पूर्वी तनाव को नई ऊंचाई दे दी। कतर ने स्वीकार किया कि अल उदैद एयरबेस से कुछ अमेरिकी कार्मिकों की सुरक्षित वापसी हो रही है। इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने इसे मौजूदा परिस्थितियों का परिणाम बताया।
कतर सरकार ने जोर देकर कहा कि जनता की हिफाजत सर्वोपरि है। सैन्य और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। यह कदम ईरान के आंतरिक प्रदर्शनों और उसके कठोर रुख से प्रेरित है।
रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह की धमकी साफ है- ईरान अंतिम सांस तक लड़ेगा। पड़ोसी देशों को चेताया गया कि अमेरिकी अड्डे खतरे में पड़ सकते हैं।
यूएन में ईरानी राजदूत ने ट्रंप के बयानों को गैर-जिम्मेदार ठहराया। पत्र में हिंसा उकसाने और संप्रभुता हनन का जिक्र है। अमेरिका ने भी अपने लोगों को ईरान से निकलने की हिदायत दी।
कतर की इस पहल से साफ है कि खतरा वास्तविक है। वैश्विक मंच पर यह घटनाक्रम शांति प्रयासों के लिए चुनौती पेश कर रहा है, जहां हर पक्ष अपनी स्थिति मजबूत करने को बेताब है।