तेलंगाना पुलिस महानिदेशक ने सोशल मीडिया कंपनियों को ललकारा है। व्यक्तियों के चरित्र को नुकसान पहुंचाने वाली पोस्ट्स के लिए अब कोई ढील नहीं बरती जाएगी। डीजीपी ने चेतावनी दी कि प्लेटफॉर्म्स जिम्मेदारी लें।
राज्य में ऑनलाइन ट्रोलिंग और डिफेमेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। व्हाट्सएप ग्रुप्स से लेकर ट्विटर थ्रेड्स तक, जहरीली सामग्री फैलाई जा रही। डीजीपी ने कहा, ‘प्लेटफॉर्म्स को तुरंत कंटेंट हटाना होगा।’
साइबर सेल ने निगरानी बढ़ा दी। एआई टूल्स से संदिग्ध पोस्ट्स ट्रैक किए जा रहे। गैर-सहयोग पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती। आईपीसी की धारा 499-500 लागू होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर साइबर कानून मजबूत हो रहे। तेलंगाना अग्रणी भूमिका निभा रहा। स्कूलों में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम शुरू। पीड़ितों के लिए काउंसलिंग सुविधा।
जनता ने स्वागत किया। इन्फ्लुएंसर्स समर्थन में उतरे। यह कदम ऑनलाइन विषाक्तता रोक सकता है। भविष्य में अन्य राज्य अनुसरण करेंगे।
अंत में, सोशल मीडिया सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने, न कि नुकसान का। डीजीपी का ऐलान स्वागतयोग्य है।