बीजिंग से मिली खबरों के अनुसार, अमेरिका ने 13 जनवरी को Nvidia को H200 AI चिप्स चीन भेजने की छूट दे दी है। इस फैसले से चीनी कंपनियों को इन हाई-परफॉर्मेंस चिप्स की उपलब्धता फिर सुनिश्चित हो गई है।
H200 सीरीज AI क्षेत्र में क्रांति लाने वाली है, जिसमें बेहतर मेमोरी और स्पीड है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की मंजूरी के साथ सुरक्षा जांच अनिवार्य रहेगी, जैसा कि ट्रंप के सोशल मीडिया बयान में संकेत था।
इन निर्यात से अमेरिका को हर सौदे पर 25 प्रतिशत फीस मिलेगी, जो आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है। Nvidia के सीईओ जेन्सेन हुआंग का मानना है कि चीन AI बाजार का दक्षिणी ध्रुव है, जो जल्द ही 50 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करेगा।
‘इस बाजार से मुंह मोड़ना मूर्खता होगी,’ उन्होंने कहा, क्योंकि AI की वैश्विक होड़ में कई खिलाड़ी मैदान में हैं। यह विकास US-चीन संबंधों में नई गतिशीलता लाता है।
क्या यह tech ट्रांसफर का खतरा बढ़ाएगा या व्यापार को बढ़ावा देगा? जानकारों का मानना है कि संतुलित नीति ही भविष्य की कुंजी है। Nvidia को इससे बड़ा बूस्ट मिलेगा, जबकि अमेरिका अपनी श्रेष्ठता बनाए रखेगा।