कुपवाड़ा में ई-गवर्नेंस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने से जम्मू-कश्मीर में डिजिटल रूपांतरण को नई गति मिली है। यह केंद्र सरकारी सेवाओं को तकनीक के दम पर आम लोगों तक पहुंचाने का वादा कर रहा है, खासकर इस महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले में।
प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित है, जो क्लाउड कंप्यूटिंग से लेकर ब्लॉकचेन तक की ट्रेनिंग देगा। क्लाउड सेवाओं, स्थानीय भाषाओं वाले ई-लर्निंग पोर्टल्स और स्मार्ट विलेज सिस्टम इसकी प्रमुख योजनाएं हैं। सुविधाओं में वीआर सिमुलेशन रूम और चैटबॉट हेल्पडेस्क शामिल हैं।
नागरिकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है, युवा इसे रोजगार का नया द्वार बता रहे हैं। तीन सालों में 100 डिजिटल वेंचर्स को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। प्रारंभिक आंकड़ों में ऑनलाइन पंजीकरण 60 प्रतिशत बढ़ा है।
कागजी कार्रवाइयों में देरी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का अंत होगा। केंद्र आईआईटी और वैश्विक कंपनियों के सहयोग से संचालित होगा। यह न केवल कुपवाड़ा बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।