भारत में अमेरिकी राजदूत के पद पर सर्जियो गोर ने औपचारिक रूप से कदम रखा। बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रत्यायित पत्र भेंट करने के बाद वे आधिकारिक तौर पर 27वें राजदूत बन गए। नई दिल्ली में सोमवार को दूतावास की कमान संभालने के ठीक दो दिन बाद यह समारोह संपन्न हुआ, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दूतावास की ओर से जारी बयान में बताया गया कि गोर ने समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र सौंपकर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मानजनक क्षण है, जब अमेरिका-भारत संबंधों में अपार संभावनाएं हैं। वे रक्षा, कारोबार, तकनीकी नवाचारों और आवश्यक खनिज संसाधनों में प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं तथा दोनों लोकतंत्रों के बीच साझेदारी को और गहरा करेंगे।
एक्स प्लेटफॉर्म पर गोर ने नमस्ते कहते हुए पहले कार्यदिवस का उत्सव मनाया। टीम में शामिल होने का गौरव और ट्रंप की नीतियों को लागू करने की अधीरता व्यक्त की। दोनों देशों के भविष्य पर उनका सकारात्मक नजरिया प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए गोर ने व्यापार सौदे की प्रगति पर प्रकाश डाला। वार्ताएं जारी हैं और मंगलवार को नई चर्चा होगी। चुनौतियां हैं, किंतु प्रतिबद्धता अटल है। व्यापार महत्वपूर्ण है, परंतु सुरक्षा, आतंकवाद निरोध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा व चिकित्सा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी एकजुटता बरकरार रहेगी।
अमेरिका के लिए भारत सबसे मूल्यवान भागीदार है, ऐसा मानना गोर का है। राजदूतत्वकाल में व्यापक कार्यक्रम पूरा करना उद्देश्य है, जिसमें पारस्परिक शक्ति, आदर और मार्गदर्शन होगा। ट्रंप-मोदी मित्रता को सच्चा बताते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मित्र मतभेद सुलझा ही लेते हैं। यह घटना Indo-US संबंधों के सुनहरे दौर की शुरुआत का बिगुल बजा रही है।