प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र में रात के सन्नाटे को चीरती हुई दूसरी आग 24 घंटे के भीतर भड़क उठी। संगम नगरी के सेक्टर-7 में तीर्थयात्रियों के ठहरने वाले कैंप में यह हादसा हुआ। धुआं चारों ओर फैल गया और अफरा-तफरी मच गई।
आठ दमकल वाहनों ने आग बुझाने में जुटकर इसे थाम लिया। कोई हताहत न होने से उफान शांत हुआ, मगर नुकसान कमोबेश रहा। जिला मजिस्ट्रेट ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, ‘ओवरलोडेड बिजली लाइन और घटिया उपकरणों से स्पार्क हुआ।’
पिछले दिन की आग ने सब्जी मंडी को भस्म कर दिया था। दोहरी घटनाओं से सुरक्षा चूक उजागर हुई। सरकार ने जांच समिति गठित कर दो ठेकेदारों को निलंबित कर दिया।
अब प्रबंधन ने कदम उठाए हैं—सभी टेंटों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, रात्री गश्त बढ़ाना और जोखिम वाले उपकरणों पर पाबंदी। 50 करोड़ यात्रियों के इंतजाम में चुनौतियां बढ़ी हैं।
मौनी अमावस्या जैसे मेगा स्नान को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही। स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भक्तों में भय है, लेकिन आस्था अटल।
प्रयागराज प्रशासन वादा कर रहा है कि आगे कोई चूक नहीं होगी। यह मेगा इवेंट विश्व पटल पर शांति का प्रतीक बनेगा। सुरक्षा अब प्राथमिकता है।