बीजिंग में आयोजित सीसीडीआई की महत्वपूर्ण बैठक ने 2026-2030 की अवधि में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बढ़ाने का आह्वान किया। 20वीं केंद्रीय समिति के पांचवें सत्र के प्रस्ताव ने इस दिशा में ठोस कदम का संकेत दिया।
शी जिनपिंग ने सत्र को संबोधित करते हुए पार्टी की पवित्रता और अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पार्टी की जड़ों को खोखला कर सकता है।
पीपुल्स डेली ने स्पष्ट किया कि विकास के लक्ष्य महत्वपूर्ण हैं, मगर पार्टी की निष्पक्ष छवि सबसे ऊपर। 2012 से चले इस युद्ध ने लाखों अधिकारियों को लाइन पर ला खड़ा किया, जनता के हितों को प्राथमिकता दी।
अभियान व्यापक है—पैसे के लेन-देन से लेकर प्रबंधकीय कमजोरियों, बर्बादी, देरी और उदासीनता तक।
2025 का आंकड़ा चौंकाने वाला: 65 बड़े अधिकारियों पर शिकंजा, पिछले साल के 58 से अधिक। दस साल पुराने अभियान का यह रिकॉर्ड है। 2020 से लगातार उछाल—18, 25, 32, 45 और अब 65। वित्त, राजनीति, सेना सब प्रभावित।
चीनी सेना में रिकॉर्ड बर्खास्तगियां, हे वेइडोंग सहित। आधुनिक हथियारों के बीच भ्रष्टाचार की रोकथाम जरूरी।
आर्थिक मंदी, चुनौतियों और बाहरी दबावों के दौर में यह सफाई शक्ति केंद्रित करने की रणनीति है। नेता, मंत्रालय, कंपनियां, यूनिवर्सिटी, बैंकिंग—सबकी कमर टूटी। यी हुईमान का केस निवेशकों को हिलाकर रख गया।
भविष्य की योजना में यह कदम सीपीसी को अटल बनाएंगे, राष्ट्रहित की रक्षा करेंगे।