राघव चड्ढा ने एक ऐसा वीडियो पोस्ट कर पूरे देश का ध्यान खींच लिया है जिसमें 10 मिनट डिलीवरी के पीछे छिपे खतरों को बेनकाब किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद डिलीवरी कर्मचारियों पर होने वाले दबाव, खतरे और परेशानियों को करीब से देखा है।
वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे डिलीवरी वाले ट्रैफिक में जान जोखिम में डालकर बाइक दौड़ाते हैं, इमारतें चढ़ते हैं। चड्ढा का यह खुलासा तेज डिलीवरी ऐप्स पर सवाल खड़े करता है।
हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि डिलीवरी हादसों में इजाफा हुआ है। चड्ढा ने मांग की है कि डिलीवरी टाइम बढ़ाया जाए, सेफ्टी गियर अनिवार्य हो और मजदूरी बेहतर की जाए।
उनकी पोस्ट को लाखों ने देखा और शेयर किया। ट्रेड यूनियंस ने उनका समर्थन किया है। कंपनियां अब बयान देने को मजबूर हैं।
आज के दौर में जहां सब कुछ इंस्टेंट चाहिए, चड्ढा का वीडियो सोचने पर मजबूर करता है। क्या हमारी सुविधा किसी की जिंदगी से ज्यादा अहम है?