जम्मू-कश्मीर में सिनेमाई हलचल तेज हो गई है। सीआईआई द्वारा आयोजित जेके फिल्म महोत्सव स्थानीय फिल्म उद्योग को राष्ट्रीय पटल पर ला देगा।
क्षेत्र की अनूठी कहानियां और दृश्य अब बड़े परदे पर चमकेंगी। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रीमियर, पैनल डिस्कशन और पिच सेशन शामिल हैं।
सीआईआई का उद्देश्य प्रतिभा और अवसरों के बीच पुल बनाना है। कश्मीरी संस्कृति पर आधारित फिल्में मुख्य आकर्षण होंगी। अंतरराष्ट्रीय मेहमान सह-उत्पादन के अवसर लाएंगे।
फिल्म शूटिंग से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। होटल, परिवहन और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। जम्मू-कश्मीर भारत का अगला फिल्म हब बन सकता है।
वीएफएक्स, साउंड डिजाइन और मार्केटिंग पर वर्कशॉप युवाओं को पेशेवर बनाएंगे। निवेशकों से नेटवर्किंग से प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिलेगी।
घाटी में शांति के साथ यह सांस्कृतिक प्रयास उम्मीद की किरण है। लद्दाख से लेकर पीर पंजाल तक के फिल्मकार उत्साहित हैं। जेके फिल्म महोत्सव सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा।