ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में राजनयिकों को बताया कि देश की मौजूदा अराजकता अमेरिका और इजरायल की साजिश का नतीजा है। उनके पास ऑडियो, दस्तावेज और अन्य प्रमाण हैं जो इस षड्यंत्र को उजागर करते हैं।
प्रदर्शन हिंसा में बदल गए हैं, जिसमें सुरक्षा कर्मियों व आम लोगों की मौत हुई और सार्वजनिक संपत्ति नष्ट की गई। अराघची ने चेतावनी दी कि यह ट्रंप प्रशासन को ईरान पर हमला करने का बहाना देना चाहता है।
बैठक में उन्होंने रिकॉर्डेड मैसेजेस का जिक्र किया, जहां आतंकियों को प्रदर्शनकारियों, पुलिस और नागरिकों पर फायरिंग के आदेश थे। पीठ में गोली लगे शव इस बात के जीते जागते सबूत हैं कि बाहरी ताकतें सीधे शामिल हैं।
मोसाद के फारसी भाषी एजेंटों ने विरोधियों में घुसकर हथियार उपलब्ध कराए, ऐसा उनका दावा है। अमेरिका की प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाने पर स्ट्राइक की धमकी के जवाब में ईरान ने अपना पक्ष रखा।
पूरे देश में आगजनी और संघर्ष जारी हैं, लेकिन तेहरान इसे विदेशी साजिश बता रहा है। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी पर नजरें टिकी हैं कि वह कैसे प्रतिक्रिया देगी।