शिवकुमार शर्मा का भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर तक पहुँचने का मार्ग उनके माता-पिता के अटूट समर्थन से बना था। संतूर सीखने की उनकी शुरुआती अनिच्छा के बावजूद, उनकी माँ की दृष्टि और उनके पिता के समर्पण ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने शास्त्रीय प्रदर्शनों में संतूर के उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे एक अनूठी शैली का निर्माण हुआ। उनके ‘कॉल ऑफ द वैली’ जैसे प्रसिद्ध एल्बम आज भी संगीत जगत में मील का पत्थर माने जाते हैं।
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