पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मणिशंकर अय्यर को हिंदू धर्म पर ज्ञान की कमी का दोषी ठहराया। बीजेपी की इस आक्रामक टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
एक पार्टी सभा में बोलते हुए मरांडी ने कहा, ‘अय्यर साहब को हिंदुत्व का मतलब समझ नहीं। यह केवल चुनावी नारा नहीं, बल्कि सभ्यता का प्रतीक है।’ उन्होंने अय्यर के बयानों को औपनिवेशिक मानसिकता का परिणाम बताया।
मरांडी ने हिंदुत्व के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा ने भारत को आक्रमणों से बचाया और एकता प्रदान की। रामायण-महाभारत के उदाहरण देकर उन्होंने हिंदू धर्म की समावेशी प्रकृति समझाई।
कांग्रेस नेता अय्यर के बयान ने बीजेपी को मौका दिया है। मरांडी ने इसे पार्टी के हिंदू हितों की रक्षा के अभियान से जोड़ा। झारखंड विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह टकराव तेज हो सकता है।
मरांडी की अपील से बीजेपी कार्यकर्ता उत्साहित हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वे हिंदुत्व के बजाय अल्पसंख्यक तुष्टिकरण क्यों चुनते हैं। यह बहस भारतीय राजनीति की वैचारिक धुरी को उजागर करती है।