पटना से राज्यसभा सदस्य पप्पू यादव ने एक बार फिर अपनी बेबाकी दिखाई। उन्होंने ईडी और सीबीआई की कार्रवाइयों पर सवाल ठोक दिया- ‘चुनाव आते ही ये एजेंसियां जाग क्यों जाती हैं?’ उनका कहना है कि यह सत्ता का हथकंडा है, जिसका मकसद विपक्ष को कमजोर करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यादव ने कई उदाहरण दिए। महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार में चल रहे केसों का हवाला देते हुए कहा कि सभी विपक्षी नेताओं पर केंद्रित हैं। सत्ताधारी भाजपा के मंत्रियों पर आरोपों की भरमार है, लेकिन चुप्पी क्यों? उन्होंने आंकड़े पेश किए कि चुनाव से पहले एजेंसी कार्रवाइयां कई गुना बढ़ जाती हैं।
यादव ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के पैटर्न पर रोशनी डाली। उनका दावा है कि चुनाव खत्म होते ही कई केस ठंडे पड़ जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान जांच पर रोक लगे। विपक्षी एकता के संकेत देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सब एक साथ लड़ेंगे।
सोशल मीडिया पर यादव का वीडियो वायरल हो रहा है। भाजपा ने इसे ‘वोटबैंक की राजनीति’ बताया, लेकिन जनता में चर्चा जोरों पर है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।
अंत में, पप्पू यादव ने जनता से अपील की कि वे इस ‘खेल’ को समझें और लोकतंत्र की रक्षा करें। उनका यह बयान निश्चित रूप से बहस छेड़ देगा।