केंद्र सरकार बजट 2026 में देशी एआई तकनीक को मजबूत करने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। इंडियाएआई मिशन सहित कई कार्यक्रमों के लिए विशेष धनराशि का प्रावधान किया जाएगा, जो भारत को एआई क्षेत्र में वैश्विक पटल पर स्थापित करेगा।
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में एआई सबसे तेज बढ़ता क्षेत्र है। भारत अपनी विशाल प्रतिभा पूंजी और डेटा संसाधनों के बल पर इस क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। अतिरिक्त फंडिंग से जीपीयू क्लस्टर, बहुभाषी डेटासेट और कौशल विकास कार्यक्रमों को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप यह पहल देश को तकनीकी रूप से स्वावलंबी बनाएगी। सरकारी स्रोतों के मुताबिक, एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा से लेकर आपदा प्रबंधन तक सभी क्षेत्रों में क्रांति आएगी।
एआई विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश भारत की जीडीपी में ट्रिलियन डॉलर का इजाफा कर सकता है। स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के लिए यह सुनहरा अवसर है।
बजट घोषणा के साथ ही स्वदेशी एआई की यह यात्रा नई ऊंचाइयों को छूने वाली है। भारत अब एआई के मामले में अनुसरण करने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला देश बनेगा।