जर्मनी के संभावित भावी चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में दोनों देशों के रिश्तों को नई जान डाल दी है। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान आर्थिक, रक्षा और पर्यावरण क्षेत्रों में गहन चर्चाएं हुईं, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का संकेत देती हैं।
मर्ज ने मोदी से संसद भवन में लंबी बैठक की, जहां द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब यूरो तक ले जाने के लक्ष्य पर सहमति बनी। हाइड्रोजन ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और जैव प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा।
भू-राजनीतिक संदर्भ में यूक्रेन संकट से लेकर दक्षिण चीन सागर तक के मुद्दों पर विचार साझा किए गए। रक्षा सहयोग में संयुक्त अभ्यास और तकनीकी हस्तांतरण की रूपरेखा बनी। जर्मनी ने भारत को आपूर्ति श्रृंखलाओं में प्रमुख साझेदार माना।
नवाचार के क्षेत्र में आरएंडडी केंद्र स्थापित करने और स्टार्टअप फंडिंग पर समझौते हुए। युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों से लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ेगा। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण समारोह ने सतत विकास की प्रतिबद्धता दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। भारत-जर्मनी साझेदारी अब वैश्विक मंच पर नई ताकत के साथ उभरेगी।