भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आईओए एग्जीक्यूटिव कमेटी ने राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कदम उठाया। साथ ही नेशनल ओलंपिक एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (एनओईडी) कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है।
कई वर्षों की उपेक्षा के बाद अकादमी अब पूर्ण रूप से सक्रिय हो रही है। आधुनिक सुविधाओं और विस्तारित पाठ्यक्रम के साथ यह ओलंपिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगी।
एनओईडी कार्यक्रम युवा खिलाड़ियों, कोचों और शिक्षकों को लक्षित करेगा। ओलंपिक इतिहास, इवेंट मैनेजमेंट और प्रदर्शन विश्लेषण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईओसी से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
पेरिस में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद यह कदम समयानुकूल है। महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष छात्रवृत्तियां उपलब्ध होंगी।
बेंगलुरु, पंजाब और ओडिशा जैसे खेल केंद्रों में सैटेलाइट यूनिट स्थापित होंगे। सरकारी अनुदान और कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप से फंडिंग सुनिश्चित।
खेल मंत्रालय ने पूर्ण समर्थन का वादा किया। यह कार्यक्रम 2032 ओलंपिक तक भारत को पदक तालिका में आगे ले जाने का आधार बनेगा। नई पीढ़ी के लिए सुनहरा अवसर।