मुद्रास्फीति के मोर्चे पर अच्छी खबर! दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति केवल 1.33 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने के मुकाबले घटी। यह चार सालों का सबसे निचला स्तर है।
खाद्य पदार्थों की कीमतें सातवें महीने लगातार कम हुईं (-1.53%), जिसमें सब्जियां 16.85% सस्ती, दालें 2.28% नीचे और फल सस्ते। किसानों की अच्छी पैदावार और लॉजिस्टिक्स सुधार इसका कारण हैं।
अन्य श्रेणियों में ईंधन 0.21%, कपड़ा 2.54% और शिक्षा 4.10% बढ़ी। ग्रामीण मुद्रास्फीति 1.01% जबकि शहरी 1.83% रही।
यह डेटा आरबीआई को नीतिगत फैसलों में लचीलापन देता है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि नया साल भी कम मुद्रास्फीति वाला रहेगा। सरकार की आपूर्ति पक्ष की पहलों ने उपभोक्ता विश्वास मजबूत किया है, जो अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।