भारतीय परिवार बैंकों को मजबूत बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। एसबीआई की रिपोर्ट से पता चलता है कि घरेलू बचत ने जमाओं को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है, जो आर्थिक स्थिरता का संकेत है।
पिछले वर्ष जमाओं में दोहरी अंकों की वृद्धि हुई, खासकर शहरी और ग्रामीण परिवारों से। डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय समावेशन योजनाओं ने लाखों लोगों को औपचारिक बचत से जोड़ा है।
सावधि और आवर्ती जडों पर जोर है, जो सुरक्षित रिटर्न देते हैं। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के खाते भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे बैंकों को ऋण वितरण में आसानी हो रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह प्रवृत्ति सकारात्मक है, लेकिन ब्याज दरों पर नजर रखनी होगी।
परिवारों की यह बचत क्रांति भारत की वित्तीय प्रणाली को सशक्त बना रही है, जो विकास की आधारशिला बनेगी।