गांधीनगर, 12 जनवरी। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे पर द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा प्रेस बयान में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी, रक्षा रणनीति और व्यापारिक बंधनों को और गहरा करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने चांसलर का पारंपरिक गुजराती स्वागत किया और कहा कि भारत जर्मनी संग अपनी साझेदारी को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाना चाहता है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर इस दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण बने।
आतंकवाद को वैश्विक खतरे करार देते हुए मोदी ने कहा कि भारत व जर्मनी मिलकर इसकी जड़ें उखाड़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में बदलाव जरूरी है, जिसमें जी4 के माध्यम से यूएनएससी सुधार उनका संयुक्त प्रयास है।
यह यात्रा विशेष है क्योंकि हम रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं। ये मील के पत्थर साझा महत्वाकांक्षाओं और विश्वास के सूचक हैं। दोनों की मजबूत अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
तकनीकी सहयोग, खासकर हरित ऊर्जा में, निरंतर प्रगति कर रहा है। गांधीनगर की यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति प्रदान करेगी, जो वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करेगी।