दुर्लभ रक्त कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने राहत भरी खबर लाई है। उन्होंने कैंसर के दो महत्वपूर्ण टारगेट की पहचान की है, जो इलाज प्रक्रिया को अभूतपूर्व रूप से सरल बना देंगे।
यह बीमारी अपनी तेज प्रगति और दवा प्रतिरोध के लिए कुख्यात है। पारंपरिक चिकित्सा अक्सर विफल रहती है, लेकिन ये नए टारगेट कैंसर की जड़ को सीधे निशाना बनाते हैं।
उन्नत सीआरआईएसपीआर स्क्रीनिंग और एआई विश्लेषण से ये कमजोरियां सामने आईं। एक टारगेट कोशिका वृद्धि नियंत्रित करता है, दूसरा इम्यून सिस्टम से बचाव। इन्हें रोकने से ट्यूमर 80 प्रतिशत तक सिकुड़ गया।
शोध टीम के प्रमुख ने बताया, ‘हमने कैंसर को हराने का आसान रास्ता ढूंढ लिया है।’ मौजूदा दवाओं का उपयोग संभव होने से त्वरित लागू हो सकेगा।
तीन साल के गहन अध्ययन में वैश्विक डेटाबेस का सहारा लिया गया। इससे दुर्लभ बीमारियों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रायल जल्द शुरू होंगे। मरीजों और परिवारों के लिए यह नई जिंदगी का वादा है। ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर मेडिकल इनोवेशन में अग्रणी साबित हुआ है।