आयुर्वेद की शक्तिशाली औषधि जटामांसी बालों के लिए वरदान साबित हो रही है। नारदोस्टाचिस जटामांसी के नाम से वैज्ञानिक रूप से जानी जाने वाली यह जड़ी उच्च हिमालय में पाई जाती है और बाल झड़ने की जड़ को काटती है।
इसके आवश्यक तेल रक्त संचार बढ़ाते हैं, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। टेलोजन इफ्लुवियम जैसी स्थिति में 30% तक कमी देखी गई है। एंटीऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों से लड़ते हैं, बालों को पर्यावरणीय क्षति से बचाते हैं।
तनाव प्रबंधन में भी उत्कृष्ट, यह कोर्टिसोल नियंत्रित कर हेयर लॉस रोकती है। डैंड्रफ और खुजली जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाती है। पुरुषों में पैटर्न बाल्डनेस और महिलाओं में पोस्टपार्टम लॉस में कारगर।
प्रयोग के तरीके विविध: आंवला-ब्राह्मी के साथ मास्क बनाएं या कैप्सूल लें। जैतून तेल में मिलाकर रात की मालिश चमत्कारिक परिणाम देती है। शुद्ध उत्पाद चुनें।
प्रकृति का यह उपहार अपनाकर बालों को नई जिंदगी दें। आयुर्वेद की परंपरा से प्रेरित होकर स्वस्थ जीवन जिएं।