बांग्लादेश की पैलेस्टाइन सोलिडैरिटी कमेटी ने मोहम्मद युनुस की सरकार को कड़ा संदेश दिया है कि गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण फोर्स से दूरी बनाए रखें। समिति का तर्क है कि देश की ऐतिहासिक नीति फिलिस्तीनी जनता के समर्थन में रही है, न कि सैन्य हस्तक्षेप के पक्ष में।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएसए खलीलुर रहमान ने वाशिंगटन में यूएस अधिकारियों एलिसन हुकर और पॉल कपूर से मुलाकात में भागीदारी की दिलचस्पी दिखाई। कमेटी ने इसे कड़ी आलोचना की, कहा कि गाजा का संकट सैन्य बल से हल नहीं होगा।
वहां आम लोग लगातार संघर्ष झेल रहे हैं, बुनियादी जरूरतों से महरूम। प्रोफेसर हारुन-ओर-रशीद ने चेताया कि फोर्स का असल मकसद फिलिस्तीनी प्रतिरोध को कुचलना है। 1971 की क्रांति से उपजे बांग्लादेश को कब्जे के खिलाफ खड़े लोगों का साथ देना चाहिए।
पहले बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायली कब्जे की निंदा की। अब यह कदम उस छवि को धक्का पहुंचा सकता है। फिलहाल सरकार चुप्पी साधे है, जबकि क्षेत्रीय तनाव चरम पर हैं।