मिनियापोलिस गोलीकांड ने अमेरिका में तहलका मचा दिया है। आईसीई एजेंट द्वारा 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड की हत्या के बाद विरोध की आग पूरे देश में भड़क उठी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर आईसीई का खुला बचाव किया और मृतक महिला के आचरण को इसका कारण बताया।
एयर फोर्स वन में सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप बोले, ‘कानून व्यवस्था का सम्मान जरूरी है। महिला ने बहुत बुरा व्यवहार किया। चाहे आईसीई हो या कोई अन्य एजेंसी, ऐसा बर्दाश्त नहीं।’ उन्होंने गुड को पेशेवर भड़काने वाली बताया और इसके पीछे के फंडिंग स्रोतों की जांच का ऐलान किया।
घटना बुधवार को हुई जब गुड अपनी एसयूवी में 34वीं स्ट्रीट पर आईसीई के काम में दखल दे रही थीं। उतरने से इनकार करने पर उन्होंने गाड़ी से एजेंट को कुचलने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में तीन फायरिंग हुई। क्रिस्टी नोएम ने पुष्टि की कि एसयूवी खतरा बनी थी।
ट्रंप की कट्टर इमिग्रेशन मुहिम के संदर्भ में यह हादसा संवेदनशील है। प्रदर्शनकारी इसे अत्याचार बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन इसे उचित ठहरा रहा है। मिनेसोटा की सड़कें आंदोलनों से गुलजार हैं।
यह प्रकरण अमेरिकी राजनीति को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप समर्थक उनके रुख से सहमत हैं, जबकि विपक्ष आक्रोशित। जांच समिति फैसले का इंतजार है, लेकिन बहस तेज जारी रहेगी।