अमेरिका में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम माधव ने भारत-अमेरिका संबंधों पर सकारात्मक टिप्पणी की। टैरिफ विवाद और वैश्विक नीतियों पर मतभेदों के बावजूद उन्होंने इसे अस्थायी दौर करार दिया। इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन ने कहा कि ये रिश्ते दोनों देशों के स्थायी हितों से जुड़े हैं।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर भारत की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं, लेकिन यह वैश्विक अनुभव है। उनके अनोखे अंदाज ने कई राष्ट्रों को प्रभावित किया है।
व्यापारिक बातचीत आठ-नौ महीनों से चल रही है और करीब सफलता के द्वार पर थी। माधव ने चेताया कि राजनीति को व्यापार से न जोड़ा जाए। भारत ने अमेरिका को पाकिस्तान मुद्दे पर द्विपक्षीयता का स्पष्ट संदेश दिया है।
बड़े फैसले फोन पर नहीं होते, गहन चर्चा जरूरी है। माधव ने वाजपेयीजी के योगदान को याद किया, जिन्होंने आधुनिक संबंधों की बुनियाद रखी। अमेरिकी भारतीय समुदाय इस साझेदारी का मजबूत स्तंभ है।
वर्तमान परेशानियां व्यक्तित्व प्रधान हैं। भारत अमेरिका के साथ संबंधों को पुनः गति देने और भविष्य के सहयोग को मजबूत करने को पूर्णतः समर्पित है।