रामपुर से कांग्रेस सांसद दानिश अली ने भाजपा को समाज-विभाजक करार दिया। बैंगलोर में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा का मूल काम ही लोगों को बांटना है। अली ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में भाजपा असल मुद्दों से ध्यान हटाकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर उतारू है।
उन्होंने बेरोजगारी, किसान संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा इनसे बचने के लिए नफरत की राजनीति करती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नेताओं के भाषणों को हथियार बनाते हुए अली ने चेतावनी दी कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।
अली ने संविधान की भावना का हनन रुकवाने की मांग की। उन्होंने एकता के उदाहरण देते हुए कहा कि विविधता ही भारत की ताकत है। भाजपा ने पलटवार किया, लेकिन अली के समर्थक उनका साथ देते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बयान विपक्ष को मजबूती देगा। अली ने सुझाव दिया कि सरकार समावेशी विकास पर ध्यान दे। उनका यह बयान निश्चित रूप से बहस को नई दिशा देगा।