महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने निकाय चुनावों के संदर्भ में भाजपा और एआईएमआईएम को एक बराबर बताते हुए तीखा कटाक्ष किया। ‘दोनों की राजनीति विभाजन पर टिकी है, फर्क शून्य है,’ उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
मुंबई, पुणे जैसे शहरों में चल रही सभाओं में पटोले ने तर्क दिया कि दोनों दल बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी कर वोटबैंक पर ध्यान देते हैं। भाजपा की हिंदुत्व रणनीति और एआईएमआईएम की अल्पसंख्यक केंद्रित राजनीति एक ही सिक्के के पहलू हैं।
उन्होंने उदाहरण दिए कि इनके प्रभाव वाले इलाकों में कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति और सड़कें दयनीय हैं। कांग्रेस विकास के एजेंडे पर जोर दे रही है, जिसमें स्मार्ट सिटी परियोजनाएं और जनकल्याण शामिल हैं। ये चुनाव विधानसभा स्तर की राजनीति का संकेत देंगे।
एआईएमआईएम के महाराष्ट्र में विस्तार से मुस्लिम वोट बंटे हैं, जो भाजपा को लाभ पहुंचा रहा है। पटोले का बयान इस गठजोड़ को तोड़ने की चेष्टा है। प्रतिक्रियाओं में भाजपा ने कांग्रेस को हताश बताया।
अंत में पटोले ने मतदाताओं से कांग्रेस को समर्थन देने का आह्वान किया। चुनावी माहौल गर्म है, और यह बयान नया मोड़ ला सकता है।