कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव भाटिया ने असदुद्दीन ओवैसी को हिंदुओं का दुश्मन और मुस्लिम समुदाय के विकास के प्रति उदासीन बताया। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाटिया ने ओवैसी की राजनीति को बेनकाब किया। उन्होंने कहा, ‘ओवैसी हिंदुओं पर कीचड़ उछालते हैं, लेकिन मुस्लिमों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते। शिक्षा, स्वास्थ्य या रोजगार पर उनकी कोई योजना नहीं।’
भाटिया ने ओवैसी के संसदीय रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक मुद्दों पर तो बोलते हैं, लेकिन अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं पर चुप रहते हैं। उन्होंने मुस्लिम युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की वकालत की।
यह टकराव विपक्षी एकता पर सवाल उठाता है। भाटिया का आक्रामक रवैया कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा लगता है। ओवैसी के दल ने इसे हिंदुत्ववादी षड्यंत्र बताया।
सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मुद्दा वोटरों को प्रभावित कर सकता है।
अंततः, भाटिया का संदेश स्पष्ट है: सच्चा नेतृत्व विभाजन नहीं, एकीकरण और प्रगति पर आधारित होना चाहिए। मुस्लिम समाज को क्या चाहिए—नफरत या विकास? यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है।