राज्य में सड़क हादसों की मार झेल रहे तेलंगाना में ‘अराइव अलाइव’ कैंपेन से नई उम्मीद जगी है। यह व्यापक मुहिम सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगी, जहां युवाओं की सबसे ज्यादा संख्या शिकार हो रही है।
पिछले साल 3,000 से ज्यादा मौतें हुईं। मोबाइल इस्तेमाल, ओवरटेकिंग और बिना हेलमेट चलना बड़ी समस्या। अभियान में 500 मोबाइल स्क्वायड, ड्रोन सर्विलांस और ऐप से शिकायत निवारण होगा।
टीवी, यूट्यूब पर सेलिब्रिटी विज्ञापन, ट्रकर्स के लिए जीपीएस और स्मार्ट सिग्नल लगेंगे। वारंगल पायलट में 25 फीसदी कमी साबित हुई सफलता। मुख्य सचिव ने पारदर्शिता का वादा किया।
महिलाओं-बच्चों के लिए हेल्पलाइन, एम्बुलेंस नेटवर्क और रिफ्लेक्टिव जैकेट बांटे जाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर में 1,000 किमी सड़कें दुरुस्त होंगी। अंतरराष्ट्रीय मॉडल से प्रेरणा लेते हुए अभियान लक्ष्य साधेगा।
त्योहारों पर स्पेशल नाइट पैट्रोलिंग और सर्वाइवर कहानियां जागरूक करेंगी। ‘अराइव अलाइव’ सड़क संस्कृति बदलेगा, जहां हर सफर घर लौटने का वादा होगा। तेलंगाना सेफ्टी में अग्रणी बनेगा।