तेजप्रताप यादव ने एक बार फिर अपनी आक्रामक राजनीति का परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘चुनाव जहां होंगे, वहां हमारी पार्टी मौजूद रहेगी।’ यह उद्घोष समर्थकों के बीच जोश भरने वाला साबित हुआ।
राजनीतिक माहौल गरम है। उत्तर प्रदेश से झारखंड तक, कई जगहों पर वोटिंग की तैयारी चल रही है। आरजेडी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने को बेताब है। नेताओं के बीच बैठकें हो रही हैं, जहां सीटों का बंटवारा और उम्मीदवार चयन पर चर्चा हो रही।
तेजप्रताप ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव युद्ध के मैदान जैसे हैं। पार्टी को हर स्तर पर तैयार रहना होगा। सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक पहुंच बनाने की रणनीति है।
आलोचक संसाधनों की तंगी का हवाला देते हैं, लेकिन आरजेडी नेतृत्व आश्वस्त है। बिहार की पंचायत जीत का हौसला दे रही है।
यह विस्तार अगर सफल रहा, तो विपक्ष की ताकत बढ़ेगी। तेजप्रताप का बयान चुनौती के रूप में लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।