केंद्रीय पेट्रोलियम एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि महिला नेतृत्व विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। लैंगिक गतिशीलता पर चर्चा वाले मंच पर उन्होंने विकास के इस नए मॉडल को खोलकर रख दिया, जो शहरी-ग्रामीण दोनों स्तरों पर प्रगति ला रहा है।
पुरी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाखपति दीदी पहल की सराहना की। 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिनकी सामूहिक आय सालाना 2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई। ऐसी जमीनी सफलताएं लक्षित हस्तक्षेपों की ताकत दिखाती हैं।
मातृत्व लाभों का विस्तार और क्रेच सुविधाएं लाखों महिलाओं को परिवार व करियर संतुलित करने में मददगार साबित हुईं। पुरी ने महिला एसटीईएम नामांकन में उछाल का उल्लेख किया। वैश्विक स्तर पर भारत का मॉडल उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नजीर बन रहा है।
महिलाएं अब स्टार्टअप संस्थापकों में 25 प्रतिशत हैं, जो नवाचार के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। सुरक्षा और गतिशीलता जैसी चुनौतियों पर निर्भया कोष के उपयोग और शहरी परिवहन परियोजनाओं का जिक्र किया। पुरी का संकल्प स्पष्ट है- 2047 तक महिला नेतृत्व विकसित भारत की पहचान बनेगा।