पश्चिम बंगाल की सियासत में भूचाल आ गया। विपक्ष के दिग्गज सुवेंदु अधिकारी पर हमले के बाद भाजपा ने ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राज्य भर में भव्य प्रदर्शन हुए जहां टीएमसी पर विपक्षी नेताओं को रास्ते से हटाने की साजिश का आरोप लगाया गया।
नंदीग्राम के इस हादसे में अधिकारी के वाहन पर हमलावरों ने पत्थरों की बौछार कर दी। गनीमत रही कि सुरक्षा घेरा मजबूत होने से बड़ा हादसा टल गया। भाजपा ने इसे राज्य सरकार की नाकामी का सबूत बताते हुए केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग उठाई। केंद्रीय मंत्री निशीत प्रमानिक ने कहा- यह ममता का गुंडा राज है।
कोलकाता से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सभाओं का आयोजन हुआ। कार्यकर्ताओं ने ममता बैनर्जी का पुतला दहन किया। भ्रष्टाचार, हिंसा और भाई-भतीजावाद पर तीखे प्रहार किए गए। भाजपा का दावा है कि 2021 के बाद 50 से ज्यादा उनके कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं।
ममता सरकार ने जवाब में सुवेंदु को उकसाने वाला बताया। टीएमसी नेता बोले- भाजपा चुनावी लाभ के लिए नौटंकी कर रही है। फिर भी जनता में असुरक्षा का भाव व्याप्त है। पुलिसिया कार्रवाई में कई जगह हिंसक झड़पें हुईं। दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं।
यह विवाद बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आने वाले उपचुनावों में इसका असर पड़ेगा। भाजपा इसे मुद्दा बनाकर टीएमसी को घेरने की फिराक में है जबकि सत्ताधारी दल स्थिरता बहाल करने का दावा कर रहा है। बंगाल का भविष्य अब इस रस्साकशी पर टिका है।