सोमनाथ मंदिर की गाथा विनाश की नहीं, बल्कि पुनर्जनन की है। ज्योतिर्लिंग धाम के रूप में विख्यात यह मंदिर कई बार विध्वंस का शिकार हुआ, किंतु हर बार और भव्य होकर उभरा। आजादी के बाद वल्लभभाई पटेल ने इसे पुनर्जीवित किया और 1951 में इसका शिलान्यास हुआ। वर्तमान में पीएम मोदी इसे राष्ट्र-जागरण का प्रतीक मानते हैं। उनकी विकास योजनाओं में नया संग्रहालय, वेदिक शिक्षा केंद्र और बेहतर रेल-सड़क संपर्क शामिल हैं। मोदी के मार्गदर्शन में यह मंदिर भारतीय संस्कृति के ध्रुवतारे के रूप में चमक रहा है।
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