अदा शर्मा ‘ड्रीम’ के जरिए बॉलीवुड की सीमाओं को लांघने को बेताब हैं। मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि वे किसी तयशुदा एक्टिंग फॉर्मूले का पालन नहीं करेंगी। ‘मुक्त अभिनय ही असली जादू पैदा करता है,’ उनका मानना है।
अभिनय की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाली अदा ने बताया कि उनका तरीका मनोवैज्ञानिक गहराई, शारीरिक बदलाव और तात्कालिक improvisation पर टिका है। पिछली फिल्मों के अनुभवों ने उन्हें यह फॉर्मूला सिखाया।
‘ड्रीम’ एक ऐसी कहानी है जो सामान्य ढांचे से हटकर है। अदा इसमें पूरी तरह घुल-मिल जाना चाहती हैं। डायरेक्टर के साथ उनकी चर्चाएं जोखिम भरी लेकिन फलदायी साबित हो रही हैं।
यह फिल्म न केवल अदा के लिए बल्कि पूरे उद्योग के लिए मील का पत्थर बन सकती है। कलाकारों को रचनात्मक स्वतंत्रता की मांग तेज हो रही है।
अदा का जज्बा युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगा। ‘ड्रीम’ रिलीज होने पर दर्शक एक नई अदा देखेंगे—बिना किसी बंधन के चमकती हुई।