पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट में पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में पुलिस ने दो अतिरिक्त आरोपियों को दबोच लिया। कुल 18 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अतिक्रमण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पर हमला बोल दिया गया था, जिसके बाद इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया।
हालिया छापों में पकड़े गए दोनों आरोपी मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को भड़काकर हिंसा भड़काई। घटनास्थल पर वायरल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस की मदद की। आधिकारिक बयान में कहा गया कि शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह इलाका मुगलकालीन धरोहर का प्रतीक है, लेकिन यहां भीड़भाड़ और गरीबी ने समस्याएं बढ़ा दी हैं। राजनीतिक दलों ने मामले को तूल दिया है। निवासी चाहते हैं कि बातचीत से विवाद सुलझे।
वर्तमान में भारी पुलिस बल तैनात है। नाबालिग आरोपियों को किशोर न्यायालय भेजा गया। आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली को ऐसी अशांति से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी।
अंततः यह घटना सबक देती है कि ऐतिहासिक स्थलों पर विकास और सुरक्षा का संतुलन जरूरी है। प्रशासनिक प्रयासों से उम्मीद है कि स्थायी शांति कायम रहेगी।