सोमनाथ। ‘शौर्य यात्रा’ के शुभारंभ से पूर्व सोमनाथ धाम में वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने चारों ओर उत्साह का संचार कर दिया। कलाकारों की ऊर्जा और भक्तों का समर्पण इस ऐतिहासिक आयोजन को अविस्मरणीय बनाने को तैयार है।
सुबह के वैदिक अनुष्ठान में 108 पंडितों ने यजुर्वेद के श्लोकों का सामूहिक जाप किया। मंदिर परिसर में ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे। भक्तों की भारी भीड़ ने इसे साकार कर दिया।
तत्पश्चात सांस्कृतिक मंच पर कच्छी लोकनृत्य, भजन, और तलवार नृत्य ने समा बांध दिया। युवा कलाकारों ने महीनों की साधना का फल प्रस्तुत किया, जिस पर दर्शकों ने तालियों की बौछार कर दी।
शौर्य यात्रा सैनिक वीरता और मंदिर के पुनर्निर्माण की गाथा को जीवंत करेगी। 15 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सैन्य झांकियां और एनसीसी दलों का मार्च होगा।
‘युवाओं में राष्ट्रभक्ति जगाना हमारा उद्देश्य है,’ आयोजक प्रिया देसाई ने बताया। स्थानीय व्यंजनों ने भी आनंद दोगुना कर दिया।
यह आयोजन सोमनाथ को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करेगा। देशभर में इसकी गूंज होगी।