भाजपा नेता जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने घोटालों के आरोपी नेताओं पर निशाना साधा। राजस्थान की एक रैली में उन्होंने घोषणा की कि ऐसे लोग जेल जाएंगे, भारत रत्न पाने के योग्य नहीं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर छा गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
सिग्रीवाल ने कहा, ‘घोटाला करने वाले जेल जाते हैं, भारत रत्न के हकदार नहीं होते।’ यह बयान हाल के सम्मान वितरण पर सवालों के जवाब में आया। वे मानते हैं कि पुरस्कार राष्ट्रसेवा के प्रतीक होने चाहिए, न कि भ्रष्टाचार की ढाल।
राजस्थान की राजनीति में सक्रिय सिग्रीवाल ने विपक्ष के कई नाम गिनाए जिन पर घोटालों के आरोप हैं। भाजपा सरकार की कार्रवाइयों का हवाला देकर उन्होंने अपनी बात मजबूत की। चुनाव नजदीक आते ही यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भर रहा है।
विरोधियों ने सिग्रीवाल पर पाखंड का आरोप लगाया, लेकिन आंकड़े उनके पक्ष में हैं। अदालती फैसलों ने कई बड़े घोटालों को उजागर किया। जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है और सिग्रीवाल की बात उसे भाती है।
यह विवाद भारत रत्न की गरिमा पर सवाल खड़े करता है। सिग्रीवाल का संदेश साफ है- सम्मान कमाई हुई मेहनत का फल हो। आने वाले समय में पुरस्कार नीति पर पुनर्विचार की मांग तेज हो सकती है।