संगीत घराने से निकला एक चमकता रत्न। प्यारेलाल के भतीजे ने सात साल की आयु में संगीत ग्रहण किया और आज ‘तेरे बिन’ से सबके दिल जीत लिए। मेलोडी को वे गीत की जान बताते हैं, जो उनकी हर धुन में झलकती है।
उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। घर पर ही शुरू हुई तालीम ने उन्हें उस्ताद बनाया। ‘तेरे बिन’ का इमोशनल अंदाज श्रोताओं को बांध लेता है। गाना वायरल हो गया, कवर वर्जन बन रहे हैं।
परिवार की विरासत को संभालते हुए वे नई पीढ़ी के लिए मिसाल हैं। भविष्य में एल्बम और फिल्मी गीतों की घोषणा हो सकती है। संगीत की यह नई लहर पूरे देश में फैल रही है।