प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी के बयानों को एनडीए नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कटाक्ष किया कि ख्वाबों से कुछ हासिल नहीं होता, जनता का मोदी जी पर विश्वास पत्थर का है।
बीजेपी मुख्यालय में हुई बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि ओवैसी की भविष्यवाणियां उनकी हार की हताशा का नतीजा हैं। अमित शाह ने कहा, ‘चुनाव परिणाम खुद बोलते हैं—एनडीए की जीत मोदी के प्रति जनाधार को दर्शाती है।’
महंगाई, बेरोजगारी पर ओवैसी के आरोपों का जवाब देते हुए एनडीए ने जीएसटी रिकॉर्ड, हाईवे विस्तार और विदेशी निवेश के आंकड़े पेश किए। सहयोगी दल जैसे शिवसेना और एलजेपी ने मोदी की समावेशी नीतियों का समर्थन किया।
ओवैसी का राजनीतिक सफर हैदराबाद तक सीमित रहा, जबकि मोदी ने तीन लोकसभा जीत हासिल कीं। एनडीए नेता मानते हैं कि विपक्षी हमले मोदी की उपलब्धियों के आगे बौने साबित हो रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह टकराव आगामी विधानसभा चुनावों की पूर्वपीठिका है। एनडीए अपनी एकजुटता और मोदी मैजिक पर भरोसा कर रहा है। ओवैसी भले चीखें, लेकिन जनता का झुकाव मोदी की ओर ही है।