जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसता जा रहा है। बडगाम के एक पटवारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने धर दबोचा। यह कार्रवाई स्थानीय किसान की शिकायत पर आधारित थी, जो भूमि दस्तावेज सुधारने के नाम पर लूटा जा रहा था।
राजस्व पटवारी ने नामांतरण प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया और अवैध लाभ के लिए रकम वसूलने की कोशिश की। एसीबी की टीम ने चालाकी से जाल रचा। कार्यालय पहुंचे शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत दी गई और पटवारी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्वत की पूरी राशि जब्त हो गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दर्ज है। जांच में उसके पुराने कारनामों की भी परतें खुल सकती हैं। बडगाम जैसे कृषि प्रधान इलाके में ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन अब सख्ती बढ़ गई है।
प्रशासन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रक्रियाओं को सरल बना रहा है ताकि रिश्वतखोरी की गुंजाइश कम हो। इस सफल ऑपरेशन से एसीबी की टीम की सराहना हो रही है। पटवारी निलंबित है और कोर्ट में पेश होगा।
आम जनता ने इस कदम का स्वागत किया है। भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों से भ्रष्टाचार मुक्त जम्मू-कश्मीर का सपना साकार होगा।