राहुल द्रविड़, जिन्हें ‘द वॉल’ कहा जाता है, ने क्रिकेट में अपनी स्थिरता से इतिहास रचा। 16 साल के करियर में उन्होंने टेस्ट में 13,000 से ज्यादा रन ठोके। 2001 एडिलेड सीरीज जैसे मुकाबलों में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।
सेवानिवृत्ति के बाद कोचिंग में उन्होंने युवाओं को निखारा। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2018 जीत उनकी पहली बड़ी सफलता थी। 2021 में मुख्य कोच बने तो टीम में नई जान फूकी।
2024 टी20 वर्ल्ड कप में द्रविड़ की रणनीतियां चमकीं। ग्रुप स्टेज से फाइनल तक भारत ने कोई चूक नहीं की। दक्षिण अफ्रीका पर आठ विकेट से जीत ने 11 साल का सूखा खत्म किया।
फिटनेस, मानसिक मजबूती और टीम संस्कृति पर उनका जोर कारगर रहा। रोहित शर्मा ने उनकी तारीफ की। द्रविड़ का जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनकी विरासत बरकरार रहेगी।