ईरान की सड़कों पर खामेनेई विरोधी नारों का दौर जोर पकड़ चुका है। आर्थिक संकट से उबले लोग अब खुले तौर पर सुप्रीम लीडर के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। यह आग खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) तक पहुंच गई, जहां ट्रंप की सख्त चेतावनियां चिंता बढ़ा रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा—प्रदर्शन तोड़ने के लिए हिंसा हुई तो एक्शन लेंगे। वेनेजुएला मॉडल की तरह इजरायल संग हमला संभव, ऐसी अटकलें हैं। जीसीसी ने हालात पर कड़ी नजर रखी है।
सऊदी, कुवैत, यूएई, कतर, बहरीन, ओमान ने आपात बैठकें कीं। सामूहिक बयान में बातचीत पर जोर दिया गया। ‘क्षेत्रीय शांति के लिए संयम बरतें,’ अपील की गई। उच्च अधिकारी वैश्विक लीडर्स से फोन पर चर्चा कर जोखिम कम करने में जुटे हैं।
कोई देश ट्रंप का खुले तौर पर साथ या विरोध नहीं दे रहा, लेकिन आंतरिक हलचल साफ है। ईरान का संकट गल्फ के आर्थिक हितों को दांव पर लगा सकता है। जीसीसी कूटनीतिक रास्ता चुन रहा है, पर ट्रंप का अगला ड्रामा सबको सता रहा। स्थिति विकट बनी हुई है।