कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया के ड्रोन घुसपैठ के दावों पर फौरन जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार को उनके बयान ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया, कहा कि सिद्ध होने पर यह शांति के लिए बड़ा खतरा होगा।
प्योंगयांग ने दावा किया कि सितंबर 2025 में पाजू और 4 जनवरी 2026 को उसके इलाके में दक्षिण कोरियाई जासूसी ड्रोन घुसे। केसीएनए ने ड्रोन गिराने और मलबे की तस्वीरें दिखाईं, सोल को दोषी ठहराया।
सोल के रक्षा मंत्री अहन ग्यू-बैक ने तस्वीरों को झूठा बताते हुए कहा कि ये हमारे ड्रोन से अलग हैं। मंत्रालय ने सभी आरोप अस्वीकार कर दिए।
ली ने जोर देकर कहा, चाहे ड्रोन प्राइवेट पक्ष ने चलाए हों, दोषी होंगे। सेना-पुलिस को जल्द रिपोर्ट देने को कहा।
ली सरकार ने जून 2025 से उत्तर के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन ठुकराई गई। उत्तर ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी।
पूर्व राष्ट्रपति यून के दौर के ड्रोन विवाद अभी अनसुलझे हैं। यह नया मोड़ तनाव को चरम पर ले जा सकता है, जहां परमाणु छाया मंडरा रही है। जांच के नतीजे दोनों तरफ असर डालेंगे।