सोने और चांदी का बाजार जोरदार तेजी पर है और यह रफ्तार 2026 तक थमने वाली नहीं। सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग इन धातुओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। आर्थिक मंदी के डर, बांडों के घटे रिटर्न और क्रिप्टो की अस्थिरता के बीच ये धातुएं चमक रही हैं।
निवेशक भावना सुरक्षा की ओर झुकी हुई है। खुदरा भागीदारी बढ़ी है, धातु आधारित फंडों में रिकॉर्ड पूंजी प्रवाह हो रहा। चांदी का मौद्रिक और औद्योगिक दोनों रूप इसे मजबूत बनाते हैं। हरित ऊर्जा क्षेत्रों से मांग 10 प्रतिशत सालाना बढ़ रही। सोना आभूषण और केंद्रीय बैंक भंडारण से लाभान्वित हो रहा।
बड़े आर्थिक कारक अनुकूल हैं। फेड और ईसीबी की ब्याज दर कटौती गैर-उपज वाली धातुओं को आकर्षक बना रही। चीन का आर्थिक प्रोत्साहन एशिया के सबसे बड़े बाजार से खरीद बढ़ा रहा। यूक्रेन से मध्य पूर्व तक भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम ऊंचा रखे हुए।
जेपीमॉर्गन सोने को 2025 अंत तक 2700 डॉलर और चांदी को दोगुना देख रहा। आपूर्ति घाटा चौथे साल में प्रवेश कर चांदी को 35 डॉलर से ऊपर धकेल सकता। नीतिगत सहजता आकर्षण बढ़ाएगी।
पोर्टफोलियो में 5-10 प्रतिशत आवंटन करें। डॉलर इंडेक्स और वास्तविक उपज पर नजर रखें। संस्थागत विश्वास बढ़ने से 2026 तक रास्ता सुनहरा है।