दुनिया भर में उथल-पुथल मचाने वाले 2025 में भारतीय शेयर बाजार ने सभी को हैरान कर दिया। फिक्स्ड डिपॉजिट के सुरक्षित रिटर्न को पीछे छोड़ते हुए इक्विटी ने रिकॉर्ड कमाई कराई।
मध्य पूर्व संकटों से तेल महंगा, यूरोप में ऊर्जा कमी, अमेरिका में महंगाई की मार। वैश्विक सूचकांक लुढ़के, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था डटी रही। जीडीपी 7 प्रतिशत बढ़ी, मध्यम वर्ग का खर्च चढ़ा।
सेंसेक्स 15.2 प्रतिशत, निफ्टी 14.8 प्रतिशत ऊपर। एफडी 6.5-7.5 प्रतिशत पर अटकीं। रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा ने लीड किया – अदानी ग्रीन, सन फार्मा 25 प्रतिशत से अधिक चढ़े।
म्यूचुअल फंड्स ने 12-18 प्रतिशत रिटर्न दिए। पुराने निवेशक प्रिया सिंह कहती हैं, ‘डर ने खरीदारी के मौके दिए।’ आरबीआई की नीतियों और कॉर्पोरेट कमाई ने बाजार को बल दिया।
2026 में सुधारों से और उड़ान भरेगी। संदेश साफ – अनिश्चितता में शेयर बाजार ही सच्चा साथी साबित हुआ। एफडी भूलें, इक्विटी अपनाएं।