जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का भारत आगमन द्विपक्षीय संबंधों में नई गति लाएगा। दो दिनों की इस यात्रा में गुजरात के गांधी नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक होगी, जो बहुआयामी सहयोग का केंद्र होगी।
दिल्ली से शुरू होकर गुजरात तक फैली इस यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर फोकस रहेगा। जर्मनी भारत का यूरोपीय व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जहां मशीनरी, रसायन और फार्मा क्षेत्र प्रमुख हैं।
कौशलपूर्ण श्रमिकों के लिए वीजा नियमों में ढील और रक्षा विनिर्माण में निवेश पर समझौते की उम्मीद है। यूक्रेन संकट, इंडो-पैसिफिक स्थिरता और बहुपक्षीय मंचों पर विचार साझा होंगे।
नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों में जर्मन कंपनियों का विस्तार होगा। जलवायु कूटनीति में संयुक्त प्रतिबद्धताएं मजबूत होंगी।
उद्योगपतियों के साथ गोलमेज बैठक और कौशल केंद्र का शुभारंभ महत्वपूर्ण होगा। यह यात्रा भारत-जर्मनी साझेदारी को वैश्विक पटल पर मजबूत उदाहरण बनाएगी।