भारत के अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव ने दुनिया भर के पतंगबाजों को दीवाना बना दिया। जर्मनी के लार्स ने कहा, ‘कला और उत्साह का अद्भुत संगम।’ ड्रैगन पतंग आकाश पर राज कर रही थी।
शहर के मैदान में फैला यह आयोजन लगातार रोमांच से भरा रहा। सुबह की गश्त से शाम की जंग तक, कांच वाली डोरें तलवारों सी चमक रही थीं। दर्शक सांस थामे पतंगों के गिरते-उठते दृश्य देखते रहे।
विदेशियों ने भारतीय मे Wiehart को सराहा। ऑस्ट्रेलिया की सारा बोलीं, ‘खाना, संगीत, दोस्ती-सब कुछ परफेक्ट।’ वर्कशॉप में जापानी फोल्डिंग और भारतीय मजा के राज साझा हुए।
रात में चमकती पतंगें और आतिशबाजी ने समापन को यादगार बनाया। रिकॉर्ड भीड़ ने महोत्सव की लोकप्रियता साबित की। विदेशी पतंगबाज भारत के आकाश का कायल हो गए, अगले साल फिर लौटने का वादा किया।