भाजपा के आक्रामक नेता किरीट सोमैया ने मीरा-भायंदर भूमि घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने एसआईटी गठित कर इस बहुचर्चित घोटाले की तत्काल जांच कराने की मांग की, जिसमें कथित रूप से अधिकारियों और डेवलपर्स की मिलीभगत है।
पत्र के अनुसार, अवैध दस्तावेजों और रिश्वत के जरिए सरकारी जमीनें हड़पी गईं। व्यावसायिक परियोजनाओं के नाम पर आरक्षण वाली भूमि बेची गई, जिससे राज्य को अरबों का चूना लगा। सोमैया ने आरटीआई और अन्य प्रमाणों का हवाला देते हुए कई विशिष्ट मामलों का जिक्र किया।
यह घोटाला वर्षों से चर्चा में है, लेकिन पिछली जांचें अपूर्ण रहीं। सोमैया का मानना है कि केवल एसआईटी ही सच्चाई सामने ला सकती है। उन्होंने फडणवीस से संपत्ति जब्ती और दोषसिद्धि की भी अपेक्षा जताई।
क्षेत्र के निवासी लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फ्लैट खरीदारों को टाइटल विवादों का डर सता रहा है। भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि विपक्ष इसे चुनावी ड्रामा बता रहा है।
फडणवीस सरकार पर अब कठिन परीक्षा है। यह मामला पूरे महाराष्ट्र में भूमि माफिया के खिलाफ मुहिम का संकेत देता है। सोमैया ने पत्र के अंत में कहा कि भ्रष्टाचारियों को बचाने वाली कोई ढील नहीं दी जाएगी।