फोनपे ने बाज़ार में नया हथियार उतारा है—’बोल्ट’ पेमेंट गेटवे, जो वीजा और मास्टरकार्ड ट्रांजेक्शन को रॉकेट स्पीड देगा। ऑनलाइन शॉपिंग और बिज़नेस के लिए यह बूस्टर शॉट साबित हो सकता है।
बोल्ट ट्रांजेक्शन को एक सेकंड से भी कम समय में पूरा करता है। मर्चेंट्स को हाई कन्वर्ज़न रेट और कम चार्जबैक मिलेंगे। ग्लोबल कार्ड नेटवर्क्स के साथ परफेक्ट सिंक इसे खास बनाता है।
देश में ई-कॉमर्स बूम है—2026 तक 200 बिलियन डॉलर का बाज़ार। यूपीआई के अलावा कार्ड पेमेंट्स का बड़ा हिस्सा बोल्ट संभालेगा, खासकर ट्रैवल और गेमिंग सेक्टर में।
फीचर्स में डायनामिक टोकेनाइज़ेशन, मल्टी-करेंसी सपोर्ट और रीयल-टाइम एनालिटिक्स शामिल हैं। छोटे बिज़नेस के लिए नो-कोड इंटीग्रेशन उपलब्ध।
फोनपे के प्रोडक्ट हेड ने कहा, ‘बोल्ट पेमेंट्स को स्मार्ट बनाता है।’ पीसीआई डीएसएस कंप्लायंस से सिक्योरिटी टॉप-नॉच है।
बीटा टेस्टर्स ने 25% ज़्यादा कार्ट कंपलीशन की रिपोर्ट दी। पेटीएम और पेयू से मुकाबले में बोल्ट का यूज़र बेस फायदा देगा।
भविष्य में एनएफसी और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स जुड़ेंगे। बोल्ट के साथ फोनपे डिजिटल इंडिया को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।